मेरी माटी, मेरा देश
मिटटी को नमन, वीरों को वंदन
देश के वीरों को समर्पित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की उपेक्षा
नगर पालिका का आयोजन


नगर पालिका के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र के वीरों के नाम समर्पित एक शिलालेख के लोकार्पण से हुआ। शिलालेख का पर्दा हटते ही सब अवाक रह गये। स्थानीय लोगों ने देखा कि नगर के वीरों की सूचि में जहां स्वीतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम लिखे है वहां केवल एक ही नाम अंकित है। जबकि आजादी की लडाई में हटा क्षेत्र से आठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए है। इस तरह सात आजादी के वीरों का नाम उपेक्षित होने पर जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेन्द्र खरे से इस संबंध में बात की तो उन्होने कहा कि इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्तर और 26 जनवरी के मुख्य समारोह में नगर पालिका के द्वारा हर बार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों पर सम्मान के पुष्पत अर्पित किये जाते है। वही सारे प्रशासनिक अधिकारी इस संबंध में बात करने से बचते नजर आ रहे थे।
समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष,पार्षद पहले से ही अनुपस्थित थे। जब नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र खटीक से इस संबंध में बात की तो उन्होने बताया कि सीएमओ के द्वारा अपनी हटधर्मिता से सारे कार्यक्रम आयोजित कर रहे है। कोई आयोजन की विधिवत जानकारी भी नहीं देते है। नगर के सम्मानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की इस तरह उपेक्षा घोर निंदनीय है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जायेगी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मानीय राजाराम चौरसिया के नाती महेश चौरसिया ने बताया कि आजादी की लडाई में अपना सर्वत्र निछावर करने वालों की उपेक्षा आज तक इस तरह नहीं हुई जो आज सार्वजनिक आयोजन में हुई, सत्कार विभाग के द्वारा इस पर तुरंत कार्रवाही करनी चाहिए।













