इमलिया गांव से करीब 3 किमी दूर चल कर अस्पताल आई थी प्रसूता

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हटा,दमोह(एमपी) भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सरकार लाखों रुपए खर्च कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मैदानी अमले की उदासीनता के कारण मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता। हाल ही मामला थाना क्षेत्र मड़ियादो अंतर्गत इमलिया गांव से सामने आया है, यहां प्रसव पीड़ा होने पर महिला मनीषा, पति नारायण आदिवासी को बर्धा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन केंद्र पर कोई नहीं था दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। यहां तक कि महिला को खुले मैदान में ही प्रसव हो गया। जिसके बाद एम्बुलेंस की मदद से महिला को मड़ियादो स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां इलाज जारी है।उल्लेखनीय है की सासन द्वारा होम डिलेवरी रोकने और स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित डिलेवरी कराने के उद्देश्य से महिलाओं को प्रोत्साहन राशि तक दी जाती है। और ऐसे में जब प्रसूता महिलाएं अस्पताल पहुंचती हैं और उन्हें लाभ नहीं मिलता तो निश्चित बड़ी लापरवाही है।













