यूसुफ पठान मड़ियादो। विधानसभा क्षेत्र हटा के अंतर्गत बारिश के मौसम में सड़क विहीन ग्रामों के रहवासियों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है । विकास के दावों की हकीकत तब देखने मिलती है जब मरीज कभी चारपाई के सहारे या ट्रैक्टर ट्रॉली पर बैठ कर मुख्यमार्गों तक पहुंचते हैं। मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद ही पीड़ितों को एंबुलेंस वाहन उपलब्ध हो पता हैं।
ताजा मामला ग्राम पंचायत चौरईया अंतर्गत पाटन गांव में एक महिला कमलेश रानी के साथ देखने मिला यह महिला प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल पहुंचना चाहती थी ताकि सुरक्षित प्रसव कराया जा सके जिसके लिए परिजनों द्वारा 108 एंबुलेंस को फोन लगाया,लेकिन गांव ओर मुख्य मार्ग के बीच पढ़ने वाला नाला में जल भराव के चलते एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी मजबूरन बस पीड़िता को ट्रैक्टर ट्रॉली से मुख्य मार्ग तक ले जाने का प्रयास किया गया जिसमें हुई देर के चलते महिला का प्रसव ट्रैक्टर – ट्रॉली में ही गया।
गनीमत रही प्रसव सामान्य हुआ जिससे जच्चा बच्चा दोनों की जान बच गई , ऐसे समय में यदि जटिल प्रसव होता तो बड़ी मुसीबत हो जाती। प्रसव के बाद महिला को ट्रैक्टर ट्रॉली से एंबुलेंस तक पहुंचाया गया तब उसे अस्पताल मिल सका।बीते वर्ष हाई रिस्क महिला का किया था रेस्क्यू: बीते साल इसी नाला के उफान पर होने से एक हाई रिस्क चिन्हित गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल तक पहुंचने करीब 2 घंटे मस्कत के बाद मौके पर एसडीएम,तहसीलदार स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके स्थल पर पहुंचकर बड़ी मुश्किल से रेस्क्यू टीम के साथ स्थानीय लोगों ने महिला को नाला पार करा कर अस्पताल पहुंचाया था। यहां बारिश के मौसम में ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट जाता हैं। ग्रामीण हॉट बाजार, शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते यहां के रहवासियों द्वारा निरंतर गांव के पहुंच मार्ग को पक्का करने व मार्ग के बीच नाले पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं पर हालात यथावत बने हुए हैं।
यहां भी हालात बदतर:
नारायणपुरा ग्राम पंचायत अंतर्गत बानोली, बर्धा अंतर्गत झौंदा,इमलिया गांव के रहवासी बारिश के मौसम में आने जाने मशक्कत कर रहे हैं यहां पैदल के अलावा मुख्य मार्ग तक पहुंचने कोई विकल्प नहीं हैं।













