दमोह(एमपी)  मड़ियादो संकुल सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के ढीले रवैए के कारण वनांचल मे सरकारी स्कूल शासन के नियम नहीं बल्कि शिक्षकों की मनमर्जी से चल रहे है। यहां सप्ताह में तीन दिन स्कूल खुलते है बाकी दिन अवकाश रहता है। तीन दिन स्कूल खुलने के दौरान छात्रों को मात्र भाषा भारती पढ़ाई जाती है बाकी विषय की पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। जिससे छात्रों के शैक्षणिक स्तर का अंदाजा सहसा लगाया जा सकता है। प्राथमिक शाला मदनपुरा स्कूल दो दिन से बंद चल रहा है। जानकारी होने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते है बल्कि अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का वेतन भी बिना किसी कटौती के निकलता है । यहां निरीक्षण करने पहुंचने वाले जनशिक्षक भी अंजान बने हुए है। शिक्षक पंजीयो पर भले शिक्षक को अनुपस्थित लिख दिया गया हो लेकिन वेतन पत्रक पर शत प्रतिशत उपस्थिति देखने मिलती है । ग्रामीण राजेंद्र, परम, पूरण, रमेश, कुंजी , रामसिंग आदिवासी ने बताया कि स्कूल रोज नहीं खुलता है जिससे हमारे छात्रो की पढ़ाई नहीं है। हफ्ते में तीन दिन ही विद्यालय खुल पाता है। बता दे कि यहां पदस्थ शिक्षक मेडिकल अवकाश पर है । जिसके कारण बछामा स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक को भेजा जाता था। हाल में ई अटेंडेंस के बाद बुधवार को वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर नियमित शिक्षक सुधीर विश्वकर्मा को संकुल प्राचार्य द्वारा आदेशित किया गया लेकिन इनके द्वारा आदेश का पालन नहीं किया । वहीं यह शिक्षक गुरुवार को भी प्रभारी हेडमास्टर को बिना बताए स्कूल से अनुपस्थित थे।

By Yusuph Pathan

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