दमोह ( एमपी )
सूरज की तपिश जोरों पर है। दिनों-दिन तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय बहुत तेज गर्म हवायें जब आपके शरीर का तापमान बढ़ा देती है, तो उसे लू लगना कहते है। सामान्यतः लू लगने से त्वचा गर्म, लाल, सूखी पड़ जाती है। सिर में तेज दर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्याधिक पसीना, बेहोशी आना, कमजोरी महसूस होना, शरीर में ऐंठन, नब्ज असामान्य होना जैसी समस्याएं होने लगती है। प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ठाकुर ने आमजनों से आग्रह करते हुए कहा है कि लू के प्रभाव को गंभीरता से ले। उससे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां रखें और सुरक्षित रहें।
क्या करें
सीएमएचओ डॉ ठाकुर ने कहा घर से बाहर निकलने से पहले भरपेट पानी अवश्य पियें। सूती, ढीले एवं आरामदायक कपडे़ पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढंक कर रखें। टोपी, गमछा, चश्मा, छतरी का उपयोग करें। पानी, छॉछ, ठंठे मौसमी फलों के अलावा घर में बने पेय पदार्थ जैसे- लस्सी, नींबू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन करें। भरपेट ताजा भोजन करके घर से निकलें। धूप में निकलने से बचें। बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। सुपाच्य भोजन एवं तरल पदार्थों का सेवन करायें।
क्या न करें
खाली पेट घर से कतई न निकलें। कूलर या एयर कंडीशन से एकदम धूप में न निकलें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। मिर्च-मसाले युक्त एवं बासी भोजन के सेवन से परहेज करें।
ध्यान रखें, लू के लक्षण हों तो
उन्होंने कहा व्यक्ति को छायादार जगह पर लिटायें। व्यक्ति के कपडे़ ढीलें करें। शरीर का तापमान घटाने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें। पेय पदार्थ जैसे- कच्चे आम का पना आदि पिलायें। प्रभावित व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें।












