पन्ना- पन्ना टाइगर रिजर्व से दुखद खबर है पन्ना टाइगर रिजर्व में दो बाघों की बीच हुई टेरिटोरियल फाइट में बाघ टी -7 की मौत हो गई मृत बाघ अकोला बफर क्षेत्र में मिला है, इस बाघ को करीब आठ वर्ष पहले तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर श्रीनिवास मूर्ती द्वारा दिनांक 03 नवम्बर 2015 को छोड़ा गया था।’ 
जिसे भोपाल से लाया गया था। श्री निवास मूर्ति द्वारा अपने एफबी पेज पर दुःख व्यक्त करते हुए बाघ को श्रद्धांजलि दी है। एक दशक पूर्व बाघ विहीन हो चुके पन्ना टाइगर रिजर्व को आवाद करने इस बाघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इस बाघ की उम्र करीब 14 वर्ष थी। बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार किया गया है। बाघ की मौत का कारण दो बाघों के बीच हुई टेरिटोरियल फाइट माना जा रहा है इस फाइट में अन्य बाघ के भी घायल होने की आशंका जताई जा रही है फार्क प्रवंधन द्वारा दूसरे बाघ की तलाश की जा रही है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक द्वारा हादसे की सूचना प्रेसनोट जारी कर दी गई बताया गया है कि पन्ना टाइगर रिजर्व के पन्ना कोर परिक्षेत्र के अकोला बफर बीट के बीट बांधी उत्तर में नियमित गश्ती के दौरान बाघ टी 7 मृत पाया गया। सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पहुंच कर मौका निरीक्षण किया गया तत्काल डाग स्क्वाड को मौके पर बुला कर सर्चिग करवाई गई। मौके पर अवैध गतिविधी के कोई चिंह नहीं पाये गये प्रथम दृष्टया बाध की मौत टेरिटोरियल फाइट लगती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधी के रूप में इन्द्रभान सिंह बुंदेला, जिला समन्वयक लास्ट वाइल्डरनेस फाडण्डेशन उपस्थित रहे। बाघ का पोस्ट मार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ संजीव कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। पश्चात बाघ का अंतिम संस्कार किया गया है।













