हटा,दमोह एमपी। शिक्षा व्यवस्था का स्तर सुधारने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपए की योजना चलाई जा रही है तो वाही करोड़ों रुपए की लागत से नए स्कूल भवन भी तैयार किए जा रहे हैं। बच्चे नए-नए आयाम छू सके इसके लिए कई तरह की योजनाओं के माध्यम से उनकी पढ़ाई करवाई जा रही है लेकिन आज भी ग्रामीण अंचलों में यह हाल है कि स्कूल तक जाने के लिए पक्का मार्ग नहीं है और बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है देश का भविष्य कीचड़ से होकर स्कूल जाने मजबूर है।
ऐसा ही एक मामला बटियागढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत मेनवार के गांव मोटेहार में सामने आया है जहां स्कूली बच्चे घुटनों तक भरे कीचड़ से होकर स्कूल जा रहे हैं। आलम यह है कि यह बच्चे पैरों में जूते और चप्पल भी नहीं पहन सकते बस है नंगे पैर ही स्कूल जाना पड़ता है क्योंकि यदि यह चप्पल पहनकर कीचड़ से गुजरेंगे तो चपल टूट जाएगी और जूते पहनकर जाएंगे तो वह जूते कीचड़ में ही फंस जाएंगे। बारिश के चार महीने यहां बच्चों को जीवन और मौत से संघर्ष करना पड़ता है ग्रामीण भी इसी कीचड़ से होकर गुजरते है। ज्यादा देर बारिश हो गई तो कीचड दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे कभी भी यह बच्चे दुर्घटना के शिकार हो सकते है बच्चे बरसात के समय में हफ्ते में दो तीन दिन ही स्कूल जा पाते है
800 मीटर के रास्ते में है कीचड़
बटियागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मेनवार के मोटेहार में कई सालो से 15- 16 परिवार के सदस्य 40- 45 निवासरत है गांव के बच्चे शासकीय मिडिल स्कूल मेनवार में पढ़ने जाते है और मोटेहार से गांव की दूरी 800 मीटर है जिसमें से 800 मीटर की दूरी में कीचड़ भरा है। स्कूली बच्चों ने बताया कि बारिश के दिनों में यहां कीचड़ हो जाता है और वह इस कीचड़ से होकर स्कूल जाने मजबूर है ।क्योंकि उन्हें पड़ लिखकर अपना भविष्य बनाना है इसलिए वह कीचड़ की भी परवाह नहीं करते। यह बच्चे कंधे पर बैग टांग कर बिना जूते-चप्पल के इस कीचड़ से होकर गुजरते हैं पूर्व सरपंच और वर्तमान सरपंच द्वारा कई कार्य किए गए लेकिन जिस कार्य की आवश्यकता थी वह कार्य नहीं किया गया है।
ग्रामीण बबलू सिंह लोधी ने बताया कि मोटेहार में कई सालो से 15 परिवार के सदस्य 40- 45 निवासरत है गांव के बच्चे शासकीय मिडिल स्कूल मेनवार में पढ़ने जाते है हमारे मोटेहार से गांव की दूरी 800 मीटर है जो बारिश के चार महीने इसी दलदल और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है
अश्वनी सिंह सीईओ, जनपद पंचायत बटियागढ़ का कहना है
सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक से जानकारी लेकर सड़क स्वीकृत करने के लिए प्रयास करते है













