3 माह पहले बच्चे की हो गई थी मौत जिसके बाद से ज्योति मानसिक तनाव में चल रही थी
ड्यूटी करके घर आई महिला कांस्टेबल ने लगाई फांसी,
7 साल पहले हेड कांस्टेबल पिता ने भी किया था सुसाइड

 

दमोह। दमोह जिले के नोहटा थाना में पदस्थ महिला आरक्षक ज्योति चढ़ार 30 ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह ड्यूटी करके अपने घर पुलिस लाइन लौटी थी और दमोह पहुंचने के बाद उसने अपने घर में फांसी लगा ली। जब उसके पति ने उसे फोन लगाया और ज्योति ने फोन नहीं उठाया तो उन्हें संदेह हुआ बाद में ज्योति की बहन के साथ घर पर जाकर देखा तो दरवाजे अंदर
से बंद थे और ज्योति फांसी पर लटकी हुई थी। बता दें कि वर्ष 2015 में ज्योति केपिता चतुर्भुज चढ़ार 50 ने भी खुद को राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली
थी। वह पुलिस लाइन के आर्म्स शाखा में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। देर रात सूचना मिलने पर एसपी सहित पुलिसअमला निवास पर पहुंचे और मामले की
पड़ताल शुरू की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्योति वर्ष 2012 में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थी उनके पति अमित भी एसएएफ में पदस्थ हैं।
बताते हैं कि करीब 3 माह पहले ज्योति के यहां डिलीवरी हुई थी। जिसमें लड़का हुआ था, लेकिन एक माह बाद अचानक लड़के की मौत हो गई थी। जिसके बाद से ज्योति तनाव में थी। सोमवार को नोहटा में ड्यूटी करने के बाद शाम को वह घर आई थी और अपने कमरे में जाकर उसने आत्महत्या कर ली। उसके पति ड्यूटी पर थे और बार-बार उसे फोन लगा रहे थे, लेकिन जब ज्योति ने
कॉल अटेंड नहीं की तो उन्हें संदेह हुआ और वह घर पहुंचे। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि महिला का
शव फांसी पर लटका मिला है। कोई सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है। महिला आरक्षक संतान की मौत होने से अवसाद ग्रस्त थी। ऐसा परिजनों से पता चला है।
पोस्टमार्टम होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

By Yusuph Pathan

एमपी प्लस न्यूज में आपका स्वागत है में हूं यूसुफ पठान बीते 15 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठा रहा हूं , आगे भी जंग जारी है हमें सपोर्ट करें -धन्यवाद

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