
बेमौसम बारिश के चलते तापमान में आई गिरावट वनांचल क्षेत्र के मजदूर परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन गई है , बता दें कि ग्रीम ऋतु में आदिवासियों की आय का मुख्य स्रोत तेंदू पत्ता बार-बार छा रहे बादल बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के कारण 10 फीसदी भी नहीं हुआ और जहा हुआ भी है वह रोग ग्रस्त हो चुका है।
जिसके चलते हजारों परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है ग्रीष्म ऋतु में वन क्षेत्र के ग्रामीणों को तेंदूपत्ता से अच्छी आए हो जाती थी लेकिन तापमान के उतार-चढ़ाव में तेंदूपत्ता की फसल प्रभावित हो रही है।
रोग ग्रस्त हुआ पत्ता
आदिवासियों की माने तो तेंदू पत्ता में फुंसी नुमा बीमारी हो रही है जिससे पत्ते खराब हो रहे हैं यह समय तेंदू पत्ता संघहरन का होता था, लेकिन अभी जंगल में 10 फीसदी भी पत्ता नहीं हैं इससे बड़ी चिंता की बात यह है जिन पेड़ों में पत्ते आए है वह फुंसी नुमा बीमारी से ग्रस्त हैं।
अचार से आस

आदिवासियों की माने तो महुआ,तेंदू पत्ता उत्पादन इस वर्ष न के बराबर है हालाकि अभी जंगल में अचार के पेड़ों में अचार फल अच्छे दिख रहे हैं अगर आगे सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अचार गुठली से नुकसान की थोड़ी,बहुत भरपाई होने की उम्मीद है।













