दमोह एमपी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के साथ सरपंच, सचिव, सहायक सचिव संगठन ने पत्रकारों पर काले कारनामे उजागर करने पर मीडिया कर्मियों पर लगाए थे आरोप।
पत्रकार लामबंद,,,
हटा ब्लॉक के मीडिया कर्मियों ने बुधवार दमोह पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा पंचायतो में चल रहे फर्जी निर्माण कार्यों की जांच की मांग
जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में खखरी निर्माण ,तालाब सरोवर , स्टाप डेम , गेवियन , ग्रेवल सड़क निर्माण में ब्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी के समाचार प्रकाशन के बाद हुई शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा समिति गठित होने औऱ जांच आरम्भ न होने से आक्रोशित हटा मडियादो के पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए दमोह पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा । ग्राम पंचायतों में हुई धांधली की जांच कर कार्यबाही की मांग की। ज्ञापन के दौरान कलेक्टर को बताया कि खखरी सह बाउंड्री वॉल में एक जगह का पत्थर उठाकर दूसरी जगह लगाया जा रहा और फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि का आहरण किया जा रहा है। इसी तरह पुराने तालाबो पर मिट्टी डालकर नया बनाया हुआ दिखाया गया। इसके अलावा हटा की जांच के लिए गठित समिति के एक सदस्य को बदलने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई ,जिस पर कलेक्टर ने उचित कार्यबाही करने का आश्वाशन दिया । उल्लेखनीय है कि जनपद पंचायत हटा अंतर्गत आने वाली पंचायतों में पंचायत कर्मियों द्वारा व्यापक पैमाने पर निर्माण कार्यों में अनिमियताएं की गई जिसका प्रकाशन विभिन्न अखबारों सहित चैनल्स पर हुआ था। मडियादो, काईखेड़ा , डोली, कनकपुरा, शिवपुर, चकरदा, नारायणपुरा , पाठा , निवास , घोघरा, बछामा, चोरईया,दमोतीपुरा सहित अन्य पंचायतों में खकरी सह बाउंड्री वॉल, गेवियन , अमृत सरोवर, ग्रेवल सड़क, स्टाप डेम, नाडेप आदि कार्यों में की गई जमकर धांधली को उजागर करते हुए जिला कलेक्टर, कमिश्नर, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास, केंद्रीय मंत्री ग्रामीण विकास सहित मुख्यमंत्री से शिकायत की गई थी। शिकायत में पंचायतों में हुई धांधली , सरकारी राशि के दुरुपयोग, मनरेगा में मशीन का उपयोग, फर्जी बिल , कागजी खेल मैदान, समतलीकरण आदि से अवगत कराया गया था जिसके बाद कलेक्टर दमोह द्वारा तीन सदस्यीय टीम का गठन कर जांच के आदेश किए गए। इस जांच से बौखलाकर सरपंच , सचिव , सहायक सचिवों द्वारा पूर्व जिला पंचायत अधक्ष्य शिव चरण पटेल के अगुआई में दमोह जनसंपर्क विभाग, एसपी दमोह ,कलेक्टर दमोह, केंद्रीय मंत्री एवम सांसद दमोह को ज्ञापन दिया था जिसमे मडियादो, हटा , के कुछ पत्रकारों को चिन्हाकित कर गलत खबर प्रकाशन, अवैध वसूली, झूठी सी एम हेल्पलाइन आदि की शिकायत कर नारेवाजी की गई थी। जांच रोकने के उद्देश से रची गई इस मनगढ़ांत कहानी के बाद हटा मडियादो, रनेह दमोह, पटेरा आदि के पत्रकारों द्वारा दमोह कलेक्टर को शिकायती ज्ञापन देकर पंचायतों में चल रही धांधली, निर्माण कार्यों की आढ में सरकारी राशि की बंदरबांट , मनरेगा योजना से जुड़े कार्यों के स्टीमेट, मूल्याकन, मौकास्थल पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग की है।












