दमोह (एमपी) यूसुफ पठान
मड़ियादो/ इस वर्ष गर्मियों के सीजन में कभी बारिश,कभी ठंड के मौसम का एहसास निरंतर जारी है। जिसके चलते लोगों का जहां जनजीवन प्रभावित हुआ है वहीं गर्मियों के सीजन में वनवासियों को होने वाला आय का मुख्य स्रोत तेंदू पत्ता भी मौसम की भेट चढ़ ने वाला है।जिसके चलते वनांचल क्षेत्र के गरीब आदिवासी परिवार रोजगार के अभाव में पलायन करने विवश है।
एक और ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार का अभाव है वही आदिवासियों की आय का मुख्य स्रोत वनोपज से होने वाली आचार, महुआ और तेंदू पत्ता भी इस सीजन में बेमौसम बारिश की भेट चढ़ गया।
ग्राम पंचायत बछामा, घोघरा, चोरईया सहित कई स्थानों के लोगों की माने तो वनोपज से बड़ी उम्मीद होती थी लेकिन तापमान में उतार चढाव और बेमौसम बारिश ने पानी फेर दिया। लोगों का कहना है इस समय तेंदू पत्ता पक कर तैयार हो जाता था जिसका संग्रहण कार्य प्रारंभ होने से हजारों परिवारों को मजदूरी कार्य मिलने लगता था, लेकिन अभी तक तेंदू के वृक्षों ने पुराने पत्ते नहीं छोड़े और जिन वृक्षों में पत्ते आना प्रारंभ हुए है वह ख़राब मौसम के कारण प्रभावित हो रहे है ।













