बक्सवाहा (छतरपुर) – जैन धर्म के 24वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का २६२२ वां जन्मोत्सव बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया !
गाजेबाजे और दिव्यघोष के साथ मुनि श्रीं १०८ साक्ष्य सागर और मुनि श्रीं १०८ निर्वित सागर के सानिध्य में निकाली गई! भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा में नगर में जगह – जगह स्वागत द्वार लगाए गए सभी श्रद्धालुओं ने अपने – अपने घरों के सामने रंगोली सजाई और भगवान की आरती उतार कर धर्म लाभ अर्जित किया वही दिगम्बर जैन मंदिर से भगवान की शोभायात्रा निकाली गई जो गांधी चबूतरा स्थित पंडाल पहुची जहाँ भगवान महावीर स्वामी का 1008 कलशों से अभिषेक किया गया अभिषेक पूजन के उपरांत गाजेबाजे, दिव्यघोष भजन कीर्तन मंडली के साथ भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः दिगम्बर जैन मंदिर पहुची शोभायात्रा में बड़ी तादाद में श्रद्धलुओं की उपस्थिति रही नगर में जगह जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
शोभायात्रा मे सकल दिगंबर जैन समाज के सभी सदस्यों के साथ साथ जिला जनपद सदस्य करन सीग लोधी, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मोती यादव, नगर पलिका उपाध्यक्ष के प्रतिनिधि देवी सीग राजपूत, मंडल अध्यक्ष अनिल सोनी, रधुवीर लोधी शामिल हुये
सभी जनप्रतिनिधियों ने महाराज श्री का पाद प्रधालन व श्री जी की आरती की और धर्मलाभ अर्जित किया।
*महावीर जयंती का महत्व*
जैन संप्रदाय के लोगों के लिए महावीर जयंती बहुत ही खास मानी जाती है। महावीर जयंती के दिन जैन धर्म के लोग प्रभात फेरी, अनुष्ठान और शोभायात्रा निकालते हैं। भगवान महावीर ने मोक्ष प्राप्त करने के लिए मनुष्यों के लिए पांच नियम स्थापित किए, जिन्हें हम पंच सिद्धांत के नाम से जानते हैं। ये पांच सिद्धांत हैं- अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, सत्य और अपरिग्रह।
महावीर जयंती के दिन भगवान महावीर की पूजा की जाती है और उनके दिए गए उपदेशों को स्मरण करके उनके बताए गए सिद्धांतों पर चलने का प्रयास किया जाता है। साथ ही इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।












